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Saturday, June 6, 2015

केजरीवाल :दिल्ली में हुई भाजपा की हार का बदला ले रहे हैं मोदी

नई दिल्ली। केजरीवाल का केंद्र सरकार के साथ जारी टकराव के बीच   मोदी को केजरीवाल ने   कहा कि प्रधानमंत्री आम आदमी पार्टी की सरकार और दिल्ली की जनता से विधानसभा चुनाव में हुई भाजपा की हार का बदला ले रहे हैं। एक निजी टीवी चैनल को दिए अपने पहले साक्षात्कार में अरविंद केजरीवाल ने आरोप लगाया कि दिल्ली के उपराज्यपाल नजीब जंग केंद्र के इशारे पर काम कर रहे हैं। उनका निवास भाजपा का दूसरा मुख्यालय बन गया है और वह भाजपा के पोलिंग एजेंट की तरह काम कर रहे हैं। उनके पास उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया का टेलीफोन उठाने की फुर्सत नहीं होती लेकिन भाजपा अध्यक्ष अमित शाह का चौकीदार भी उन्हें फोन कर दे तो वह रेंगते हुए चले जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली की जनता ने आम आदमी पार्टी को चुना है जबकि पूरे देश ने मोदी को समर्थन दिया है। लिहाजा, वे देश चलाएं और हमें दिल्ली चलाने दें। केजरीवाल ने  मोदी को  कहा कि वह हमारे पीछे पड़े हैं और बिल्कुल नहीं चाहते कि हम दिल्ली में सफल हो जाएं। उन्होंने कहा कि यदि हमने दिल्ली का प्रदर्शन देश के दूसरे राज्यों में भी दोहरा दिया तो भाजपा के लिए बड़ी भारी मुश्किल खड़ी हो जाएगी।

Friday, June 5, 2015

चीन ने ठुकराया भारत का प्रस्‍ताव

बीजिंग।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वास्तविक नियंत्रण रेखा की स्थिति स्पष्ट करने को लेकर रखे गए  प्रस्ताव को चीन ने खारिज कर दिया है। चीन का कहना है कि वह सीमा पर शांति सुनिश्चित करने के लिए भारत के साथ नियमावली (कोड ऑफ कंडक्ट) तय करने वाला समझौता करने को तरजीह देगा। प्रधानमंत्री के प्रस्ताव पर चीन की ओर से पहली प्रतिक्रिया के तौर पर चीनी विदेश मंत्रालय में एशियाई मामलों के डिप्टी डायरेक्टर जनरल हुआंग शिलियन ने कहा कि एलएसी को लेकर स्थिति स्पष्ट करने के पिछले प्रयासों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ा था। सीमावर्ती इलाकों में हम जो कुछ भी करें वह रचनात्मक होना चाहिए। हमारे प्रयास वार्ता की प्रक्रिया को मजबूती प्रदान करने वाले होने चाहिए न कि बाधक बनने वाले। शिलियन ने कहा कि यदि हमें लगता है कि एलएसी पर स्पष्टीकरण वार्ता प्रक्रिया को मजबूत करने वाले हैं तो हम आगे बढ़ेंगे, लेकिन यदि हमें लगता है कि यह बाधा पहुंचाने वाले कदम हैं तो स्थिति जटिल हो जाएगी। हमें इसको लेकर सावधान रहना होगा।
उन्होंने कहा कि हमें कुछ व्यापक उपायों की जरूरत है, न कि सीमा पर शांति सुनिश्चित करने के लिए महज किसी एक उपाय की। हम कोड ऑफ कंडक्ट को लेकर समझौता करने के लिए प्रयास कर सकते हैं। एलएसी पर स्थिति स्पष्ट करने के मोदी के प्रस्ताव से परहेज का कारण पूछे जाने पर हुआंग ने कहा कि कुछ साल पहले ऐसे प्रयास किए जा चुके हैं लेकिन इन्हें मुश्किलों से जूझना पड़ा था। हमने कुछ साल पहले स्थिति स्पष्ट करने की कोशिश की थी लेकिन इससे स्थिति और जटिल हो गई थी। यही कारण है कि हमें जो कुछ भी करना होगा वह शांति व्यवस्था सुनिश्चित करने में उपयोगी होना चाहिए ।