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Monday, July 27, 2015

घरेलू नौकर या ड्राइवर रखने पर देना पड़ सकता है अपॉइंटमेंट लेटर

6:04 PM Posted by Unknown , , , No comments
नई दिल्ली-घरेलू नौकर या ड्राइवर रखने पर जल्द ही आपको नौकरी के नियम और शर्तों को बताने वाला अपॉइंटमेंट लेटर देना पड़ सकता है। डोमेस्टिक वर्कर्स के अधिकारों की सुरक्षा और उन्हें बेसिक सोशल सिक्यॉरिटी देने के लिए लेबर मिनिस्ट्री ऐसा प्रपोजल तैयार कर रही है।

एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने बताया कि यह कदम अन-ऑर्गनाइज्ड सेक्टर को मजबूत करने की इंटरनैशनल लेबर ऑर्गनाइजेशन (आईएलओ) से प्रतिबद्धता के अनुसार उठाया जा रहा है। देश की कुल वर्कफोर्स में अन-ऑर्गनाइज्ड सेक्टर की हिस्सेदारी 93 पर्सेंट की है।

अधिकारी ने कहा, 'आईएलओ की ओर से देश को इनफॉर्मल से फॉर्मल वर्कफोर्स की ओर ले जाने का काफी दबाव है। देश में इनफॉर्मल या अनऑर्गनाइज्ड सेक्टर काफी बड़ा है। इसलिए इसे पूरी तरह फॉर्मल करना संभव नहीं होगा। इस वजह से हमने अन-ऑर्गनाइज्ड सेक्टर को मजबूत करने पर सहमति दी है।'

मिनिस्ट्री के प्रपोजल के मुताबिक, एंप्लॉयर्स के लिए मासिक वेतन पर काम करने वाले सभी घरेलू वर्कर्स को फॉर्मल अपॉइंटमेंट लेटर जारी करना अनिवार्य होगा। अधिकारी ने बताया, 'फॉर्मल अपॉइंटमेंट लेटर जारी करने से यह पक्का होगा कि डोमेस्टिक वर्कर्स को केवल हेल्पर्स के तौर पर न माना जाए बल्कि उन्हें एंप्लॉयड वर्कर्स समझा जाए, जो एंप्लॉयमेंट के साथ मिलने वाले अधिकारों और सम्मान के पात्र हैं।'

डोमेस्टिक वर्कर्स को लेकर कोई भरोसेमंद आंकड़ा उपलब्ध नहीं है। एक्सपर्ट्स का अनुमान है कि देश में लगभग 50 लाख डोमेस्टिक वर्कर्स हैं। इनके योगदान को अक्सर आर्थिक आंकड़ों में जगह नहीं मिलती। देश में 35 करोड़ अन-ऑर्गनाइज्ड वर्कफोर्स में डोमेस्टिक वर्कर्स की हिस्सेदारी लगभग 1.5 पर्सेंट है। ये वर्कर्स विशेषतौर पर शहरी इलाकों में बच्चों और बुजुर्गों की देखभाल, कुकिंग, ड्राइविंग, क्लीनिंग, ग्रॉसरी शॉपिंग जैसे काम करते हैं।

अपॉइंटमेंट लेटर मिलने से इन वर्कर्स के सामने आने वाली कुछ मुश्किलों को हल किया जा सकेगा। इन वर्कर्स के पास वादे से कम वेतन मिलने की स्थिति में शिकायत करने का कोई जरिया नहीं होता क्योंकि इन्हें लिखित में कुछ नहीं दिया जाता। इनके पास बेसिक हेल्थकेयर, साप्ताहिक छुट्टी, मैटरनिटी लीव जैसी सुविधाएं भी नहीं होतीं। इन्हें कई बार खराब व्यवहार का भी शिकार बनना पड़ता है। इसका विरोध करने पर नौकरी जाने का खतरा भी रहता है।

जानकारों का कहना है कि डोमेस्टिक वर्कर्स के लिए अपॉइंटमेंट लेटर अनिवार्य किए जाने का काफी विरोध हो सकता है। डोमेस्टिक वर्कर्स से जुड़े कुछ कानून देश में मौजूद हैं। इनमें अन-ऑर्गनाइज्ड सोशल सिक्यॉरिटी ऐक्ट, 2008 और सेक्सुअल हैरसमेंट अगेंस्ट विमेन एट वर्कप्लेस (प्रिवेंशन, प्रॉहिबिशन ऐंड रिड्रेसल) एक्ट, 2013 शामिल हैं। इसके साथ ही कई राज्यों में मिनिमम वेजेज शेड्यूल भी हैं, लेकिन अक्सर इन कानूनों का पालन नहीं किया जाता।

सौजन्य: INDIATMIES NEWS

बीजेपी से ‘नाराज’ शत्रुघ्न को जेडीयू से मिला न्योता

6:00 PM Posted by Unknown , , , No comments
पटना-बीजेपी और उसके सांसद शत्रुघ्न सिन्हा के बीच इन दिनों सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है। बताया जा रहा है कि सिन्हा शनिवार को मोदी की मुजफ्फरपुर में हुई परिवर्तन रैली में ना बुलाए जाने से दुखी हैं। ऐसे में, सिसायती मौका भांपते हुए जेडीयू ने रविवार को सिन्हा को अपनी पार्टी में शामिल होने का न्योता दिया।

रविवार को बिहार के सीएम नीतीश कुमार के साथ सिन्हा ने मुलाकात की थी। इसके बाद, जेडीयू के राज्य प्रमुख वशिष्ठ नारायण सिंह ने कहा कि आखिरी फैसला खुद सिन्हा को ही लेना होगा। उन्होंने कहा कि अगर शत्रुघ्न सिन्हा उनकी पार्टी में शामिल होते हैं तो पार्टी उनका खुले दिल से स्वागत करेगी।

उधर, सिन्हा ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि नीतीश के साथ उनकी मुलाकात एक भाई की तरह थी। उन्होंने कहा कि नीतीश उनके भाई की तरह हैं और वह जब भी पटना आते हैं तब नीतीश के साथ मुलाकात करते हैं। उन्होंने जेडीयू में शामिल होने की बात पर कहा कि वह अच्छे और बुरे, दोनों समय में बीजेपी के साथ जुड़े रहे हैं और जेडीयू में शामिल होने का कोई सवाल ही नहीं है।


इस बीच, शनिवार को राज्य में बीजेपी के पोस्टरों पर यादव समुदाय को लुभाने के लिए मोदी को भगवान कृष्ण के द्वारका से आया हुआ बताए जाने पर प्रतिक्रिया करते हुए आरजेडी प्रमुख लालू यादव ने कहा मोदी को 'कालिया नाग' कहा।

सौजन्य: INDIA TIMES NEWS

खतरे में है ब्रैंड धोनी का भविष्य?

5:54 PM Posted by Unknown , , , No comments
नई दिल्ली-क्या ब्रैंड धोनी गंभीर खतरे में है? उनकी कप्तानी वाली आईपीएल टीम चेन्नै सुपर किंग्स पर दो साल के लिए पाबंदी लगा दी गई है। इस टीम के दागी मालिकों और धोनी के बीच करीबी रिश्ते किसी से छिपे नहीं हैं। वह टेस्ट क्रिकेट से रिटायर हो चुके हैं और वनडे कप्तान के तौर पर उनका हालिया परफॉर्मेंस निराशाजनक रहा है।

वह अब भी 18 ब्रैंड्स को एंडोर्स करते हैं। इनमें पेप्सी, रीबॉक, टीवीएस, बूस्ट, स्टारस्पोर्ट्स प्रमुख हैं। जानकारों के मुताबिक, उनकी एंडोर्समेंट फीस 10-12 करोड़ प्रति ब्रैंड है, जो भारतीय क्रिकेट टीम के टेस्ट कप्तान विरोट कोहली से ज्यादा है।
हालांकि, क्या ये तमाम चीजें बदल सकती हैं? शायद हां। इकनॉमिक टाइम्स ने इस सिलसिले में कुछ सीएक्सओ और एक्सपर्ट्स से बात की। उनका कहना था कि मार्केटिंग के लायक क्रिकेटर्स की कमी के कारण धोनी का ब्रैंड कुछ हद तक टिका रह सकता है, लेकिन कॉन्ट्रैक्ट्स के रिन्यूअल के वक्त एंडोर्समेंट रेट में भारी गिरावट हो सकती है। इस रेट में 25-30 फीसदी तक गिरावट हो सकती है।

इकनॉमिक टाइम्स ने इस बारे में धोनी से जुड़े दर्जनभर ब्रैंड्स से बात करने की कोशिश की, लेकिन किसी ने टिप्पणी करने से मना कर दिया। हालांकि, कुछ सीएक्सओ का ऑफ द रिकॉर्ड कहना था कि ब्रैंड की दुनिया में धोनी की चमक अब फीकी पड़ने लगी है। कई एक्सपर्ट्स की भी यही राय है और उन्होंने आधिकारिक तौर पर यह बात कही भी।

धोनी से जुड़े एक बड़े ब्रैंड के सीईओ का कहना था कि निश्चित तौर पर उनके ब्रैंड वैल्यू में गिरावट हो रही है। उन्होंने बताया, 'वह टेस्ट क्रिकेट नहीं खेल रहे हैं और इससे उनके वैल्यूएशन पर असर पड़ रहा है। हालांकि, मार्केटिंग के लायक क्रिकेटर्स की कमी के कारण उनका कॉन्ट्रैक्ट जारी रहेगा, लेकिन शर्तें और फीस पहले जैसी नहीं रहेंगी।'

ब्रैंड धोनी से जुड़े एक और ब्रैंड के सीएक्सओ का कहना था कि उनकी कंपनी अपने अलग-अलग विज्ञापन दिखाने की तैयारी में है, ताकि धोनी बाकी स्पोर्ट्स स्टार और बॉलिवुड की हस्तियों के साथ स्पेस साझा कर सकें।

हालांकि, धोनी के बिजनस असोसिएट्स की राय अलग है। उनके जिम वेंचर से जुड़े असोसिएट ने बताया, 'यह सच है कि क्रिकेट के वैल्यूएशन में गिरावट आ रही है। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि हम धोनी से अलग होने जा रहे हैं। हमारा लॉन्ग टर्म रिश्ता है।'

एक और अधिकारी का कहना था कि धोनी और उनके पार्टनर अरुण पांडे (ऋति स्पोर्ट्स) ने अपना बिजनेस पार्टनर चुनने में काफी स्मार्ट तरीके से काम किया है। ये सभी उनके करीबी दोस्त और फैमिली है, लिहाजा इस पर खतरा नहीं है। बहरहाल, धोनी के बिजनेस मैनेजर की अलग राय है। पांडे का कहना है कि हर कोई मौजूदा हालात का फायदा उठाकर धोनी के खिलाफ बोल रहा है। उन्होंने कहा, 'आईपीएल विवाद से धोनी के ब्रांड वैल्यू पर असर पड़ने की चौतरफा चर्चा हो रही है। ऐसा नहीं है। लोगों को जो कहना है, वे कहें, इससे हम पर कुछ फर्क नहीं पड़ता। धोनी इंटरनेशनल स्पोर्ट्स स्टार और यूथ आइकन हैं और बने रहेंगे।'

सौजन्य: INDIA TIMES NEWS

खुद को देवी बतानेवाली राधे मां के खिलाफ केस दर्ज!

5:51 PM Posted by Unknown , , , , No comments
मुंबई। खुद को देवी का अवतार बताने वाली राधे मां खुद कानून के शिकंजे में फंसती नजर आ रही हैं। मुंबई के बोरीवली इलाके में राधे मां सहित 7 लोगों पर केस दर्ज किया गया है। दरअसल एक महिला ने राधे मां और अपने पति सहित 7 लोगों पर प्रताड़ना और मारपीट का केस दर्ज कराया है। महिला का आरोप है कि राधे मां की वजह से उसकी बसी-बसाई जिंदगी तबाह हो गई।

आरोप है कि राधे मां के भक्त ससुरालवालों ने राधे मां के कहने पर महिला के साथ अमानवीय बर्ताव किया और लड़की के घरवालों से पैसे के लिए दबाव डाला। आरोप लगाया जा रहा है कि जब महिला की शादी तय हुई थी तो राधे में ने महिला के परिवार से अपनी शान-शौकत के हिसाब से तैयारी करने के कहा।

खुद को देवी का अवतार बताने वाली राधे मां खुद कानून के शिकंजे में फंसती नजर आ रही हैं।

शादी में आने के लिए हेलीकॉप्टर और महंगी गाड़ी मुहैया कराने को कहा, लेकिन लड़की का परिवार ये सब नहीं कर सका। फिर 25 लाख दहेज पर शादी तय की गई और शादी के बाद राधे मां के बोरीवली स्थित आश्रम में महिला से नौकरों की तरह काम कराया जाता था। यही नहीं आरोप है कि काम में कोताही होने पर राधे मां महिला को लात-घूंसों से पिटाई भी करती थी।

आरोप है कि राधे मां के भक्त महिला के ससुरालवाले भी महिला पर अत्याचार करते थे। इसके बाद राधे मां के ही कहने पर ससुरालवालों ने महिला को घर से निकाल दिया, जिसके बाद महिला ने मुंबई की कांदिवली पुलिस स्टेशन में ससुराल के लोगों सहित राधे मां के खिलाफ मामला दर्ज कराया है।


सौजन्य: IBN7 NEWS